उल्कापिंड की आयु बताएगा नया उपकरण 


वाशिंगटन। वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किये गये नये उपकरणों से पृथ्वी पर गिरने वाले उल्कापिंड की आयु का पता लगाया जा सकेगा। इससे सौर मंडल के भूगर्भीय इतिहास के बारे में जानकारी मिलेगी। ग्रहीय वस्तुओं की आयु का खुलासा करने के लिए स्पेसप्लाइट में भी उपकरण का उपयोग किया जा सकता है। सौर मंडल के भूगर्भीय इतिहास को समझने के लिए मुख्य चीज ग्रहीय चट्टानों की आयु के बारे में जानकारी प्राप्त करना है। शोधकर्ताओं ने १८६२ में पृथ्वी पर गिरे उल्कापिंड जागामी की आयु का निर्धारण करके उपकरण को मान्यता प्रदान की है। उल्कापिंड की आयु लगभग १८ करोड़ वर्ष बताई गयी है। अमेरिका के साउथ वेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट वाडल्डर के शोधकर्ता स्काट एंडरसन के मुताबिक तकनीक की सुंदरता यह है कि आयु का पता लगाने के लिए उल्कापिंड के छोटे से नमूने की आवश्यकता होती है। उपकरण छोटा है लेकिन तेजी से काम करता है।