पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारक, अब GST में लाना जरुरीः पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 


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नई दिल्ली । केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय कारकों से हो रही है और अब यह जरूरी हो गया है कि पेट्रोल तथा डीजल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत लाया जाए। प्रधान ने कहा कि तेल कीमतों में जो असामान्य वृद्धि हो रही है वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और आर्थिक स्थिति की वजह से है। केंद्र इसे लेकर सतर्क है। अब यह जरूरी हो गया है कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाए। दोनों अभी जीएसटी में नहीं हैं जिससे देश को करीब १५,००० करोड़ रु का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाता है तो यह उपभोक्ताओं सहित सभी के हित में होगा।

प्रधान ने कहा कि कोई सिर्फ उत्पाद शुल्क घटाकर इस मुद्दे का प्रभावी तरीके से हल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि ईरान, वेनेजुएला तथा तुर्की जैसे देशों में राजनीतिक स्थिति की वजह से कच्चे तेल का उत्पादन प्रभावित हुआ है। पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन ओपेक भी कच्चे तेल का त्पादन नहीं बढ़ा पाया है, जबकि उसने इसका वादा किया था।