राजनीतिक गतिरोध के बावजूद सुधारों को लागू करेगी सरकार: वित्त मंत्री


नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राजनीतिक गतिरोध के बावजूद केंद्र सरकार देश में सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रति कटिबद्ध है। संसद में कुछ राजनीतिक दलों द्वारा अपनाए जा रहे तौर-तरीकों से निपटने के लिए संविधान में पर्याप्त उपाय किए गए हैं।
राजधानी में आयोजित भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ (फिक्की) की ८७वीं आम सभा की बैठक का शुभारंभ करते हुए जेटली ने कहा कि नई सरकार ने बहुत सी चुनौतियों के बावजूद प्र्रतिबद्धता दिखाई है। विचारधारा के स्तर पर मतभेद के बावजूद विकास को गति देने के लिए सभी को राष्ट्रीय दृष्टिकोण अपनाना होगा ताकि ८ से ९ प्रतिशत या दहाई अंक का विकास दर हासिल किया जा सके।

उन्होंने कहा कि चिटफंड घोटालों में अपने सदस्यों के फंसने से घबराकर और उधर से लोगों का ध्यान हटाने के उद्देश्य से तृणमूल कांग्रेस सुधार के उपायों का विरोध कर रही है लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के तौर-तरीकों की अनुमति हो सकती, यह अधिक समय तक नहीं चलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि अभी हम सुधार को आगे बढ़ाए या इस अवसर को गवां दें यह हमारे ऊपर है लेकिन यदि हमने इसे गवां दिया तो अगली पीढ़ी हमें इसके लिए माफ नहीं करेगी। देश में दो तरह की विचारधारा है। एक है सुधारवादी और दूसरी है िवरोधवादी। वामदलों की विचारधारा वैश्विक स्तर पर अपना महत्व खो चुकी है और यदि उनकी विचारधारा को माना जाएगा तो सब कुछ महंगा हो जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि बीमा सहित सुधार के कुछ महत्वपूर्ण उपायों का विरोध करने के लिए वामदलों ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पश्चिम बंगाल, रूस और क्यूबा के बाद राज्यसभा वामदलों का अंतिम गढ़ है जो कि कुछ राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के रूख से आने वाले वर्षों में समाप्त हो जाएगा। उन्होंने राज्यसभा वाम दलों द्वारा उठाये गये मुद्दों का उल्लेख करते हुये कहा कि कुछ ऐसे कर हैं जिसकी वसूली नहीं की जा सकती है लेकिन वामदल उसकी वसूली पर जोर दे रहे है। जेतली ने भूमि अधिग्रहण कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सुधार की जरूरत है। अब तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद हो गई है और आंध्र प्रदेश को नई राजधानी बनानी है। नई राजधानी में निजी अस्पताल, कॉलेज और इसी तरह के अन्य संस्थानों के लिए भूमि की जरूरत होगी जो वर्तमान भूमि अधिग्रहण कानून से हासिल कर पाना संभव नहीं है।