पेटीएम संस्थापक विजय शेखर शर्मा को ब्लैकमेल करने वाली उनकी सचिव सोनिया धवन गिरफ्तार


पेटीएम कंपनी के मालिक को ब्लैकमेल करके 20 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में मालिक की निजी सचिव सहित ३ लोग गिरफ्तार किये गये हैं।

नोएडा (ईएमएस)। देश में भुगतान करने के लिए सबसे सहज माध्यम बन गई पेटीएम कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा के लिए सबसे बड़ी परेशानी उनकी निज सचिव सोनिया धवन बन गई। शर्मा की शिकायत पर उनसे 10 करोड़ रुपये मांगने के आरोप में सोनिया धवन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया है।

सोनिया धवन को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है, जो 10 सालों तक कंपनी के साथ जुड़ी रहीं। वह कंपनी में सचिव के पद पर थीं। आरोप है कि सोनिया ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। कंपनी के कुछ खास कर्मचारियों ने ही सीईओ विजय शेखर के कम्प्यूटर से महत्वपूर्ण डेटा चुरा लिया और इसके बाद कोलकाता के रोहित को सारी जानकारियां दे दीं। बाद में रोहित ने ही विजय शेखर को फोन कर ये डेटा लीक न करने के एवज में 10 करोड़ रुपये मांगे। पैसों को एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए रोहित ने विजय को बैंक अकाउंट नंबर और आईएफसी कोड भी बताया।

डेटा के बदले पैसे की मांग करने वाले ने रोहित ने एहतियात बरतते हुए पहले थाइलैंड के नंबर से फोन किया फिर विश्वास हो जाने के बाद विजय शेखर को वॉट्सऐप कॉल की। विजय ने फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड कर ली और पूरे सबूत पुलिस को दे दिए। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पेटीएम में काम करने वाले दो कर्मचारियों और एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि पेटीएम के सीईओ विजय शेखर के भाई अजय शेखर शर्मा की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई थी कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने डेटा चोरी किया है और वे उसे सार्वजनिक न करने के एवज में पैसे की मांग कर रहे हैं। इसकी जांच की गई उसके बाद इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन्हें रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ की जाएगी।

विजय शेखर के भाई अजय शेखर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में लिखा कि उनकी कंपनी में सोनिया धवन और देवेंद्र कुमार काम करते हैं। सोनिया के पति का नाम रूपक जैन है। वह नोएडा में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। सोनिया धवन विजय शेखर की निजी सचिव के रूप में कंपनी में काम करती थीं। सोनिया, रूपक और देवेंद्र कुमार ने ही साजिश करके विजय के निजी कम्प्यूटर से तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां चोरी कर लीं। डेटा चोरी करने के बाद इन लोगों को कोई ऐसा आदमी चाहिए था जो इनसे पैसे निकाल सके। इसके लिए कोलकाता में रोहित चोमल को खोजा गया। उसके बाद देवेंद्र ने कोलकाता जाकर रोहित को डेटा दिया।

डेटा मिल जाने के बाद 10 सितंबर 2018 को रोहित चोमल ने विजय शेखर को फोन किया। एक बार फोन करने के बाद फिर उन्हें वॉट्सऐप कॉल की। पहले 10 करोड़ रुपये मांगे। रोहित ने इन पैसों को बैंक में जमा कराने के लिए आईसीआईसीआई बैंक का खाता नंबर भी दिया। पुलिस को दी शिकायत में अजय शेखर ने बताया कि 10 अक्टूबर को पहले 67 रुपये और फिर 15 अक्टूबर को 2 लाख रुपये इस खाते में ट्रांसफर भी कर दिए गए। पैसे ट्रांसफर हो जाने के बाद रोहित ने फिर 10 करोड़ रुपये की मांग शुरू कर दी। जब रोहित ने फिर से पैसे जमा करने के लिए प्रेशर बनाना शुरू किया तो उसके बाद अजय शेखर ने पुलिस में शिकायत कर दी।