सरकार ने तय किए चीन से आयात होने वाले टीवी, पैनल्स के दाम


कोलकाता (ईएमएस)। केंद्र सरकार ने चीन से एलईडी टीवी और टीवी पैनल्स का आयात करने वाले ब्रैंड्स को झटका देते हुए टीवी सेट्स और पैनल्स की कीमत तय कर दी है। इसी कीमत पर कंपनियों को टैक्स चुकाना होगा। सरकार के इस फैसले से चीन से सामान मंगाने वाले ऑनलाइन एक्सक्लूसिव और रिटेलर प्राइवेट ब्रैंड्स के उत्पाद महंगे हो जाएंगे। कस्टम्स डिपार्टमेंट के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ऐंड इंटेलिजेंस ब्रांच (एसआईआईबी) ने पाया था कि कुछ कंपनियां चीन से किए जाने वाले आयात का मूल्य दिखा कर टैक्स चोरी कर रहे हैं।
उदाहरण के लिए 32 इंच स्मार्ट एलईडी टीवी की कीमत 106 डॉलर तय कर दी गई है, जबकि 39 इंच के स्मार्ट एलईडी टीवी का दाम 163 डॉलर तय किया गया है। 65 इंच कर्व्ड स्मार्ट एलईडी टीवी का दाम 417 डॉलर तय कर दिया गया है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक, फिक्स्ड वैल्यूएशन के चलते कीमतें 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ जाएंगी। पूरी तरह से तैयार टीवी पर 20 प्रतिशत ड्यूटी और फिनिश्ड एलईडी पैनल्स पर 15 प्रतिशत ड्यूटी का ऐलान बजट में किया गया है।
एक सीनियर इंडस्ट्री अफसर ने बताया कि इसका ज्यादा असर ऑनलाइन एक्सक्लूसिव ब्रैंड्स, रिटेलर्स के मालिकाना हक वाले ब्रैंड्स और ऐसे रीजनल ब्रैंड्स पर पड़ेगा जो कि या तो पूरी तरह से तैयार टीवी इंपोर्ट करते हैं या फिर फिनिस्ड पैनल्स विदेश से मंगाते हैं और यहां असेंबल करते हैं। एक जानी-मानी टीवी कंपनी के सीनियर एग्जिक्यूटिव ने कहा कि ऑनलाइन एक्सक्लूसिव और छोटे ब्रैंड्स को मार्जिन से समझौता करना पड़ेगा और सोनी, सैमसंग और एलजी जैसे टॉप ब्रैंड्स के साथ उनके प्रॉडक्ट्स की कीमतों का अंतर कम होगा।
ऐसा तब है जबकि सोनी, सैमसंग और एलजी को सरकार के कंपोनेंट पर ड्यूटी बढ़ाने के चलते कीमतों में 5-6 फीसदी का इजाफा करना पड़ेगा। एक ऑनलाइन एक्सक्लूसिव ब्रैंड के हेड ने कहा कि कंपनी दाम में बढ़ोतरी धीरे-धीरे करेगी। उन्होंने कहा कि बाजार पहले से सुस्त है। ऐसे में अचानक दाम बढ़ाने से बिक्री और कम हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘अगले दो हफ्तों में कीमतों में 4-5 फीसदी का इजाफा होगा और इसके एक या दो महीने में एक और बार कीमतें बढ़ेंगी।’