बजट पर आज वित्त मंत्रियों के साथ विमर्श करेंगे जेटली


बजट पूर्व वित्त मंत्री सप्ताह भर करेंगे विशेषज्ञों से चर्चा
नई दिल्ली। वेंâद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पूर्व विचार विमर्श के लिए राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ आज बैठक करेंगे। शुक्रवार को राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक के बाद जेटली विभिन्न समूहों मसलन उद्योग व ट्रेड यूनियनों के साथ परंपरागत बजट पूर्व विचार विमर्श शुरू करेंगे।
गौरतलब है कि जेटली फरवरी १५ में अपना पहला पूर्ण बजट पेश करेंगे। पिछले साल तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया था। बाद में जुलाई में जेटली ने नियमित बजट पेश किया था। राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक इस दृाqष्ट से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें जेटली प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित वेंâद्रीय बिक्रीकर (सीएसटी) मुआवजे व अन्य मुद्दों पर विचार विमर्श कर सकते हैं। मालूम हो कि वेंâद्र व राज्य सरकारों के बीच जीएसटी पर सहमति बनने के बाद हाल में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र में इस नयी कर व्यवस्था को लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक जेटली छह जनवरी को उद्योग व व्यापार समूहों के साथ बजट पूर्व विचर विमर्श करेंगे। कृषि क्षेत्र पर बजट पूर्व विचार विमर्श सात जनवरी को और सामाजिक क्षेत्र पर आठ जनवरी को होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री १० जनवरी को बजट पर ट्रेड यूनियनों के साथ चर्चा करेंगे जबकि १३ जनवरी को उनकी अर्थशााqस्त्रयों के साथ बैठक होगी। वित्त मंत्री १४ जनवरी को आईटी समूह व उसके अगले दिन वित्तीय संस्थानों के साथ बैठक करेंगे।

 

स्वास्थ्य बजट पर 20 फीसदी हो सकती है कटौतीः रिपोर्ट
नई दिल्ली। भारत सरकार ने २०१४-१५ के लिए स्वास्थ्य बजट में २० फीसदी की कटौती का आदेश दिया है। इस आदेश के कई योजनाओं पर प्रभाव पढ सकता है। स्वास्थ्य बजट के मामले में भारत यूं भी दुनिया में सबसे निचले पायदान के देशों में है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के दो अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मार्च में खत्म हो रहे वित्त वर्ष के उनके ३१६४० करोड़ रुपये के बजट में से ६००० करोड़ रुपये से ज्यादा की कटौती हुई है।
बीते दो दशकों में भारत ने बड़ी र्आिथक वृद्धि देखी है लेकिन विभिन्न सरकारों ने स्वास्थ्य पर खर्च पर कटौती की लगाम हमेशा कसे रखी है। भारत अपने जीडीपी का करीब एक फीसदी ही पाqब्लक हेल्थ पर खर्च होता है। चीन पाqब्लक हेल्थ पर जीडीपी का ३ फीसदी खर्च करता है और अमेरिका ८। ३ फीसदा हाल ही में हुई एक बैठक में वित्त मंत्रालय ने इस कटौती के आदेश दिए और स्वास्थ्य मंत्रालय की आपत्तियों को भी रद्द कर दिया। इस बारे में जब वित्त मंत्रालय से सवाल पूछे गए तो कोई जवाब नहीं मिला।