पीएनबी घोटाले के बाद म्यूचुअल फंड निवेशको के 800 करोड़ डूबे


नई दिल्ली (ईएमएस)। पंजाब नेशनल बैंक में हुए 114 अरब के महाघोटाले के बाद सबसे ज्यादा मार म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। एसआईपी के जरिए एमएफ कंपनियों की अलग-अलग स्कीम में निवेश करने वाले निवेशकों के करीब 800 करोड़ रुपये से अधिक की रकम डूब चुकी है।
महाघोटाला उजागर होने के बाद निवेशकों को पहले से ही 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। म्यूचुअल फंड स्कीम सीधे तौर पर शेयर मार्केट से लिंक होती हैं। इसलिए इन स्कीम में भी गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी सबसे बड़ी वजह यह है कि राष्ट्र में चल रही करीब 117 म्यूचुअल फंड ने पीएनबी में अपना पैसा लगा रखा है। सबसे ज्यादा नुकसान एचडीएफसी, बिड़ला सन लाइफ, डीएसपी ब्लैकरॉक व कोटक महिन्द्रा को हुआ है। उल्लेखनीय है कि पीएनबी समेत उन कंपनियों व बैंकों के शेयरों में गिरावट देखी गई, जिनके तार सीधे-सीधे इस घोटाले से जुड़े हुए हैं। इनमें सिंडिकेट बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, देना बैंक व गीतांजलि जेम्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त लक्ष्मी विलास बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एसआरएस आभूषण लिमिटेड व यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्र की टॉप 5 एमएफ स्कीम में पीएनबी ने 1722 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा है। जिन स्कीम में बैंक ने निवेश कर रखा है उसमें 728 करोड़ रुपये एचडीएफसी प्रूडेंस फंड में, 409 करोड़ रुपये एचडीएफसी इक्विटी फंड में, रिलायंस कर सेवर फंड में 262 करोड़ रुपये, एचडीएफसी 200 फंड में 182 करोड़ रुपये व फ्रैंकलिन इंडिया फंड में 141 करोड़ रुपये लगाए हैं।
नीरव मोदी के पार्टनर मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स के शेयरों में 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त पीसी ज्वेलर्स व त्रिभुवनदास भीमजी झावेरी के शेयर गिरे।