ग्राहकोें के एटीएम उपयोग पर चार्ज क्यों : उच्च न्यायालय


अदालत ने आरबीआई को जारी किया नोटिस
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ग्राहकों के खुद के बैंक के एटीएम से महीने में पांच बार पैसा निकालने की सीमा निर्धारित करने तथा पांच से अधिक बार पैसा निकालने पर २० रुपये चार्ज करने के निर्णय के विरोध में दलील पर भारतीय रिजर्व बैंक को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी एवं न्यायाधीश पी.एस. तेजी की खंडपीठ ने आरबीआई के साथ साथ भारतीय स्टेट बैंक तथा बैंकों के संघ को भी नोटिस भेजा है एवं पीआईएल पर उनसे १८ फरवरी तक जवाब देने के लिए कहा गया है। जनहित याचिका में अपने बैंक के एटीएम से असीमित संख्या में बिना किसी चार्ज के पैसा निकालने की ग्राहकों को अनुमति मिलने की बात कही गयी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों से पांच बार से अधिक के ट्रांजेक्सन पर २० रुपये चार्ज लेने पर सवाल किया। अदालत ने बैंकों से कहा कि आप अपने खाते दारों से अनावश्यक कटौती कर रहे हैं। यह जनहित याचिका प्रैक्टिस कर रही है। एक वकील स्वाति अग्रवाल द्वारा वकील विवेक कुमार टंडन के माध्यम से की गयी जिसमें रिजर्व बैंक आफ इंडिया के १४ अगस्त के पांच बार से अधिक बार खुद के बैंक खाते से पैसा निकालने पर २० रुपये चार्ज काटने के निर्देश को वापस लेने की मांग की गयी है।