कालाधन : जांच के दायरे में आई 100 सूचीबद्ध कंपनियां


 कागज पर ही बनी हैं सौ कंपनियां – सेबी
मुंबई। प्रीमियम पर शेयरों का तरजीही आवंटन, शेयरों की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी और उसके बाद फिर जान-बूझकर कीमतों में कमी करके शासकीय अधिकारियों और ग्राहकों को झांसे में रखकर अधिक से अधिक धन जुटाने और उसे विदेश में जमा करने के मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), आयकर विभाग और विशेष जांच दल (एसआईटी) करीब १०० सूचीबद्ध वंâपनियों की जांच कर रहे हैं। अज्ञात रकम प्रवाह के मामले में जितनी बड़ी संख्या में वंâपनियों के शामिल होने से माना जा रहा है कि यह २०,००० करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हो सकता है। राजस्व सचिव शक्तिकांत दास का कहना है कि देश में जमा काला धन विदेश में जमा धन के लगभग बराबर है।’
सेबी द्वारा पर्ल एग्रिकल्चर, पर्ल इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीनव्रेâस्ट फाइनैंशियल र्सिवसेस, ग्लोबल इन्प्रâास्ट्रक्चर ऐंड फाइनैंस, मिष्का फाइनैंस ऐंड ट्रेिंडग, धनलीला इन्वेस्टमेंट, महान इंडस्ट्रीज, प्रभाव इंडस्ट्रीज और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसी ज्यादातर छोटी वंâपनियों की प्रतिक्रिया जानने के लिए भेजे गए ई-मेल का कोई जवाब नहीं मिला। काले धन की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने यह मामला भी दर्ज कर लिया है। जानकार सूत्रों का कहना है कि वंâपनियों के प्रवर्तक स्टॉक एक्सचेंजों के जरिये दीर्घ अवधि का पूंजी लाभ लेने और कर चोरी के लिए स्टॉक एक्सचेंजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। विदित हो कि पिछले सप्ताह सेबी के एक पूर्णकालिक सदस्य राजीव कुमार ने एक आदेश जारी कर दो वंâपनियों, इनके प्रवर्तकों, ब्रोकर और कुछ निवेशकों सहित २६० इकाइयों पर प्रतिबंध लगाते हुए इन पर स्टॉक एक्सचेंज का बेजा इस्तेमाल कर ४८५ करोड़ रुपये का दीर्घ अवधि का पूंजी लाभ र्अिजत करने और काला धन सपेâद करने के आरोप लगाए थे। सेबी ने जो शुरुआती जांच की है उसके अनुसार ये १०० वंâपनियां केवल कागज पर ही हैं और काले धन को सपेâद करने के लिए एक्सचेंजों का इस्तेमाल कर रही हैं।
गौरतलब है कि नियामक इस बात की भी जांच कर रहा है कि तरजीही आवंटन के जरिये इन वंâपनियों में डाली गई रकम का इस्तेमाल दूसरे उद्देश्यों के लिए तो नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार इस बात की जांच हो रही है कि कहीं इन वंâपनियों ने शेयरों की कीमतों में छेड़-छाड़ के लिए इन वंâपनियों और संबंधित इकाइयों ने एक दूसरे के साथ ही तो कारोबार नहीं किया।