अमेरिका ने स्टील आयात पर ड्यूटी बढ़ाई, बढ़ सकती है भारत की मुश्किल


नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिका ने स्टील और एल्युमिनियम के आयात पर ड्यूटी बढ़ा दी है। भारत अब देखने की कोशिश कर रहा है कि विभिन्न देशों को ड्यूटी बढ़ाकर अपने स्थानीय उद्योग को सुरक्षित करने के लिए अपने कानूनों के इस्तेमाल की छूट है या नहीं। अमेरिका अपने व्यापार घाटे को कम करने के लिए इस तरह के कदम उठा रहा है। इससे भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आशंका है कि भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर अमेरिका ड्यूटी में बढ़ोतरी कर सकता है। पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट कर कहा था, ‘जब कोई देश (अमेरिका) प्रत्येक देश के साथ अपने व्यापार में अरबों डॉलर का नुकसान उठा रहा है, तो ट्रेड वॉर अच्छी चीज है।’ एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारत यह देखेगा कि इस तरह का कदम विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नॉर्म्स के अनुसार है या नहीं।
उन्होंने कहा हम कानूनी नजरिए से जांच कर रहे हैं कि क्या देशों को अपनी स्थानीय उद्योग को सुरक्षित करने के लिए अपने कानूनों का इस्तेमाल करने की छूट है और यह डब्ल्यूटीओ के नॉर्म्स के अनुसार है या नहीं। अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने 12 देशों ब्राजील, चीन, कोस्टारिका, मिस्र, भारत, मलेशिया, रूस, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, तुर्की और वियतनाम से स्टील के आयात पर कम से कम 53 फीसदी टैरिफ लगाने की सिफारिश की थी। इसके बाद यह कदम उठाया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में अमेरिका के स्टील एक्सपोर्ट में इन देशों की हिस्सेदारी 4 फीसदी से कम की थी।

अमेरिका अब सोलर पैनल, वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों के आयात को निशाना बनाने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इसका भारत पर अधिक असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि इन उत्पादों का देश से ज्यादा निर्यात नहीं किया जाता। भारत को आशंका है कि आने वाले समय में अमेरिका ऐसे उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है जो भारत से उसे बड़ी मात्रा में एक्सपोर्ट किए जाते हैं। ट्रंप ने एक अलग ट्वीट में कहा था हमें अपने देश और अपने कामगारों को सुरक्षित करना चाहिए। हमारी स्टील इंडस्ट्री की स्थिति खराब है।’ 2016-17 में भारत ने अमेरिका को 1.26 अरब डॉलर के आयरन और स्टील प्रॉडक्ट्स का एक्सपोर्ट किया था। 2017-18 की अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान अमेरिका को यह एक्सपोर्ट 96.05 करोड़ डॉलर का था।

3.5 करोड़ टन के साथ अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा स्टील आयातक है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय के अनुसार, ‘इसका भारत पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। अगर चीन और कनाडा पर असर पड़ता है तो इससे वास्तव में हमें फायदा हो सकता है, लेकिन इस तरह का रवैया अन्य देश भी अपना सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इससे विश्व व्यापार पर असर पड़ेगा और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा।